पर्व और त्योहार
सनातन परंपरा के प्रमुख पर्व — उनका परंपरागत अर्थ और क्षेत्रीय रंग
मकर संक्रांति
🗓️ सौर पर्व — सूर्य का मकर राशि में प्रवेश (प्रायः 14-15 जनवरी); पौष-माघ सन्धि
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश का पर्व। तिल-गुड़ बाँटने और पतंग उड़ाने की क्षेत्रीय परंपराएँ हैं।
भाव: नई फसल का आगमन और सूर्य के प्रति कृतज्ञता (परंपरागत मान्यता)
परंपरागत मान्यताविस्तृत पृष्ठ →होली
🗓️ फाल्गुन पूर्णिमा (होलिका दहन); चैत्र कृष्ण प्रतिपदा (धुलेंडी/रंग)
रंगों का पर्व। परंपरा में इसे बुराई पर अच्छाई की विजय (प्रह्लाद-होलिका कथा) से जोड़ा जाता है।
भाव: प्रेम, मेल-मिलाप और नई शुरुआत का भाव
परंपरागत मान्यताविस्तृत पृष्ठ →दीपावली
🗓️ कार्तिक अमावस्या (मुख्य दीपावली); धनतेरस से भाई दूज तक पंच-पर्व
दीपों का पर्व। परंपरा में इसे श्री राम के अयोध्या लौटने और लक्ष्मी पूजन से जोड़ा जाता है।
भाव: अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक; लक्ष्मी पूजन की परंपरा
परंपरागत मान्यताविस्तृत पृष्ठ →नवरात्रि
🗓️ आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से नवमी (शारदीय नवरात्रि); चैत्र नवरात्रि वसन्त में
देवी के नौ रूपों की उपासना के नौ दिन। शाक्त परंपरा में विशेष महत्व।
भाव: शक्ति-उपासना और संयम का पर्व (शाक्त परंपरा)
परंपरागत मान्यताविस्तृत पृष्ठ →महाशिवरात्रि
🗓️ फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी (उत्तर गणना; दक्षिण अमान्त गणना में माघ कृष्ण चतुर्दशी)
शिव-उपासना की महान रात्रि। शैव परंपरा में रात्रि-जागरण और उपवास की परंपरा है। एक मान्यता इसे शिव-पार्वती विवाह से जोड़ती है।
भाव: परंपरा में इसे संयम, जागरण और आत्मचिंतन से जोड़ा जाता है (शैव परंपरा)
परंपरागत मान्यताविस्तृत पृष्ठ →राम नवमी
🗓️ चैत्र शुक्ल नवमी
श्री राम का जन्मोत्सव। परंपरा अनुसार चैत्र शुक्ल नवमी को अयोध्या में श्री राम का जन्म हुआ।
भाव: मर्यादा पुरुषोत्तम के आदर्शों का स्मरण (वैष्णव परंपरा)
परंपरागत मान्यताविस्तृत पृष्ठ →जन्माष्टमी
🗓️ भाद्रपद कृष्ण अष्टमी (स्मार्त-वैष्णव तिथि-निर्णय में भेद सम्भव)
श्री कृष्ण का जन्मोत्सव। मध्य रात्रि में जन्म मनाया जाता है; दही-हांडी की क्षेत्रीय परंपरा है।
भाव: भक्ति और प्रेम का उत्सव (वैष्णव परंपरा)
परंपरागत मान्यताविस्तृत पृष्ठ →गुरु पूर्णिमा
🗓️ आषाढ़ पूर्णिमा (व्यास पूर्णिमा)
गुरु के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का पर्व। परंपरा में इसे महर्षि वेदव्यास से जोड़ा जाता है (व्यास पूर्णिमा)।
भाव: गुरु-शिष्य परंपरा का आदर
परंपरागत मान्यताविस्तृत पृष्ठ →रक्षाबंधन
🗓️ श्रावण पूर्णिमा
भाई-बहन के स्नेह का पर्व। बहन भाई की कलाई पर राखी बाँधती है।
भाव: स्नेह और रक्षा के संकल्प का बंधन (लोकपरंपरा)
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